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लोकसभा चुनाव: बिहार में 7 चरणों में होंगे चुनाव, 4 जून को आएंगे नतीजे

पटना। इलेक्शन कमीशन ने आज यानी शनिवार को लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। वहीं, बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर सात चरणों में मतदान होंगे। पहले चरण के लिए 19 अप्रैल को चुनाव होगा। दूसरे चरण का चुनाव 26 अप्रैल को होगा। तीसरे चरण का चुनाव 7 मई को, चौथे चरण का 13 मई को और पांचवें चरण का 20 मई को होगा। 25 मई को छठे चरण का चुनाव होगा और आखरी चरण का मतदान एक जून को होगा। इसके बाद चार जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे।

 कब होगा मतदान, यहां देखें 
पहले चरण में 4 सीटों पर मतदान(19 अप्रैल)
गया, नवादा, औरंगाबाद और जमुई

दूसरे चरण में 5 सीटों पर मतदान(26 अप्रैल)
कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, बांका और भागलपुर

तीसरे चरण में 5 सीटों पर मतदान (7 मई)
सुपौल, अररिया, झंझारपुर, मधेपुरा और खगड़िया

चौथे चरण में 5 सीटों पर मतदान (13 मई)
उजियारपुर, मुंगेर , बेगूसराय, समस्तीपुर और दरभंगा

पांचवें चरण में 5 सीटों पर मतदान (20 मई)
सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर

छठे चरण में 8 सीटों पर मतदान (25 मई)
शिवहर, महाराजगंज वाल्मीकिनगर, वैशाली, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और सीवान

सातवें चरण में 8 सीटों पर मतदान (1 जून)
आरा, बक्सर, नालंदा, पाटलिपुत्र, सासाराम, जहानाबाद, पटना साहिब और काराकाट

बता दें कि शनिवार को भारत निर्वाचन आयोग की ओर से संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, हम देश को वास्तव में उत्सवपूर्ण, लोकतांत्रिक माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को समाप्त होने वाला है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम की विधानसभाओं का कार्यकाल भी जून 2024 में समाप्त होने वाला है। जम्मू-कश्मीर में चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इस देश में कुल मतदाता 96.8 करोड़ हैं। जिनमें से 49.7 करोड़ पुरुष और 47 करोड़ महिलाएं हैं। 1.82 करोड़ पहली बार मतदाता इन चुनावों में हैं। हमारे पास 97 करोड़ पंजीकृत मतदाता, 10.5 लाख मतदान केंद्र, 1.5 करोड़ मतदान अधिकारी और सुरक्षा कर्मचारी, 55 लाख ईवीएम, 4 लाख वाहन हैं।

राजीव कुमार ने कहा कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के जितने भी मतदाता हैं उनके घर जाकर मतदान करवाया जाएगा। इस बार देश में पहली बार ये व्यवस्था एक साथ लागू होगी कि जो 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाता हैं और जिन्हें 40% से अधिक की विकलांगता है, उनके पास हम फॉर्म पहुंचाएंगे अगर वो मतदान का ये विकल्प चुनते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, “चुनाव में खून-खराबे और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। हमें जहां से भी हिंसा की सूचना मिलेगी, हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बिहार में सात चरण में मतदान हुए थे।

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