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लू ने निगली 110 लोगों की जान, हीट स्ट्रोक के 40,000 से ज़्यादा संदिग्ध मामले सामने आए।

 

भास्कर टुडे

 

  • लू से हुई 110 लोगों की मौत, हीट स्ट्रोक के 40,000 से अधिक संदिग्ध मामले आए सामने

 

नई दिल्ली। उत्तरी और पूर्वी भारत के कई हिस्से लंबे समय से लू की चपेट में हैं, जिससे हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों में वृद्धि हुई है।

वहीं, केंद्र ने अस्पतालों को ऐसे रोगियों की देखभाल के लिए विशेष यूनिट बनाने के लिए सलाह जारी की है.

लू से हुई 110 लोगो की मौत .

उत्तर भारत के अधिकांश राज्य बीते कुछ दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में हैं।

ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि देश के बड़े हिस्से में लगातार जारी लू ने इस साल 1 मार्च से 18 जून के बीच कम से कम 110 लोगों की जान ले ली है।

साथ ही 40,000 से अधिक लोग हीट स्ट्रोक के संदिग्ध मामलों से जूझ रहे हैं।

 

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की ओर से राष्ट्रीय हीट-रिलेटेड इलनेस एंड डेथ सर्विलांस के तहत जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित है।जहां 36 मौतें हुई हैं, जबकि उसके बाद बिहार, राजस्थान और ओडिशा का स्थान है।

 

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि अभी यह डेटा राज्यों की ओर से फाइनल डेटा नहीं हो सकता है, इसलिए संख्या इससे अधिक होने की उम्मीद है. आंकड़ों के अनुसार, अकेले 18 जून को हीट स्ट्रोक के कारण छह मौतें हुई हैं।

हीट स्ट्रोक से होने वाली मौत में इजाफा

उत्तरी और पूर्वी भारत के कई हिस्से लंबे समय से लू की चपेट में हैं, जिससे हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों में वृद्धि हुई है।

वहीं, केंद्र ने अस्पतालों को ऐसे रोगियों की देखभाल के लिए विशेष यूनिट बनाने के लिए सलाह जारी की है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने बुधवार को निर्देश दिया कि गर्मी के कारण बीमार पड़ने वाले लोगों की देखभाल के लिए सभी केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में विशेष लू वार्ड बनाए जाएं।

स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें।

साथ ही सभी अस्पताल प्रभावितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए तैयार रहें।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के तहत, स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ‘हीट वेव सीजन 2024’ पर राज्य स्वास्थ्य विभाग के लिए एक सलाह जारी की गई है.

मंत्रालय ने कहा, “देश में गर्मियों के तापमान के देखे गए रुझान के अनुरूप सामान्य मौसमी अधिकतम तापमान देखा जा सकता है।

सलाह स्वास्थ्य सुविधा हो बेहतर 

 

अत्यधिक गर्मी के स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए, स्वास्थ्य विभागों को तैयारी और समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।

सलाह में राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनपीसीसीएचएच) के तहत राज्य नोडल अधिकारियों से कहा गया है।

कि वे हीट-रिलेटेड इलनेस एंड डेथ सर्विलांस के तहत रिपोर्टिंग के अलावा 1 मार्च से हीट स्ट्रोक के मामलों और कुल मौतों पर दैनिक डाटा जुटाना शुरू करें।

मौसम विभाग की जानिए चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से लू की प्रारंभिक चेतावनी को लेकर जानकारी दी गई है।और कहा गया है कि अगले चार दिनों के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को सावधान रहना चाहिए।

लोगों को पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पैक, आवश्यक दवाएं, आईवी तरल पदार्थ, आइस-पैक और उपकरणों की खरीद और आपूर्ति के लिए भी निर्देश दिया गया है.

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