HomeUncategorizedमुख्तार अंसारी के नाम पर दिल्ली में एक सड़क !

मुख्तार अंसारी के नाम पर दिल्ली में एक सड़क !

 नई दिल्‍ली। उत्तर प्रदेश के माफिया सरगना मुख्तार अंसारी के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। इस बीच उत्तर प्रदेश के चर्चित माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के परिवार का इतिहास भी खूब सर्च हो रहा है। उत्तर प्रदेश से लेकर भारत की राजधानी दिल्ली तक मुख्तार अंसारी की चर्चा हो रही है। यहां हम आपको एक अदभुत संयोग बता रहे हैं। संयोग यह है कि उत्तर प्रदेश के जिस माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ 61 से भी अधिक मामले दर्ज थे उसी मुख्तार अंसारी के एक पूर्वज के नाम पर दिल्ली में अंसारी रोड बनी हुई है।


दिल्ली में अंसारी रोड के नाम से एक सडक़ तथा अंसारी नगर मोहल्ला है। अंसारी रोड का बड़ा ही गजब का नाता उत्तर प्रदेश के माफिया सरगना मुख्तार अंसारी से है। उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक चर्चा का विषय बने हुए माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के दादा (पिता के पिता) के नाम पर दिल्ली की अंसारी रोड का नाम रखा गया है। इतना ही नहीं मुख्तार अंसारी के दादा के नाम पर ही दिल्ली में अंसारी नगर भी बसा हुआ है। यह संयोग है या दुर्भाग्य कि उत्तर प्रदेश के खतरनाक माफिया सरगना के परिवार का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है।
क्‍या है इस परिवार का इतिहास
आपको जानकर ताज्जुब होगा कि उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के दादा जी का नाम भी मुख्तार अंसारी ही था। जी हां मुख्तार अंसारी के दादा डा. मुख्तार अंसारी एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे। माफिया मुख्तार अंसारी के दादा डॉ. मुख्तार अंसारी का जन्म 25 सितंबर 1880 को हुआ था। वे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर शहर के रहने वाले थे। वे भारत के उन गिने-चुने लोगों में से थे जिन्होंने लंदन जाकर डॉक्टरी की पढ़ाई की थी। वे वर्ष 1927 में कांग्रेस के राष्टï्रीय अध्यक्ष बने थे। कहा जाता है कि उनको कांग्रेस अध्यक्ष बनाने में गांधी जी बड़ी भूमिका थी।

डॉ. मुख्तार अंसारी का नाम देश के तीक्ष्ण दिमाग वाले नेताओं के रूप में लिया जाता है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के मुहम्दाबाद तहसील में 25 सितंबर 1880 को उनका जन्म हुआ था। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में डॉ. अंसारी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। डॉ. अंसारी अपने तेज दिमाग के कारण हमेशा जाने गए। यही वजह थी कि उनको कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने निर्णायक भूमिका निभाई थी।

प्रगतिशील लेखक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पीएन सिंह ने अपनी पुस्तक ‘गाजीपुर के गौरव बिंदु- राजनीतिक’ का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक में डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी पर काफी शोध करने के बाद एक चैप्टर लिखा है। डॉ. सिंह बताते है कि 1900 में स्कॉलरशिप हासिल कर अंसारी हैदराबाद के निजाम कालेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद मेडिसीन की पढाई करने के लिए लंदन का रुख किया। लंदन में उनकी मुलाकात जवाहरलाल नेहरू से हुई। वर्ष 1905 में दोनों एक-दूसरे से मिले और यही मुकालात उनके बीच अटूट दोस्ती की नींव साबित हुई।

उत्तर प्रदेश के माफिया मुख्तार अंसारी के दादा जी डॉ. मुख्तार अंसारी करीब 10 वर्षों तक लंदन में रहे थे। वर्ष 1901 से लेकर वर्ष 1910 तक का समय उन्होंने इंग्लैंड में गुजारा। वर्ष 1910 में उन्हें लाहौर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल पद पर काम करने का प्रस्ताव मिला। लेकिन, हैदराबाद रियासत से मिली स्कॉलरशिप को शर्तों के कारण वह यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर पाए। भारत वापसी के बाद वह ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संगठित राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहने लगे। डॉ. अंसारी वर्ष 1927 में कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। हालांकि, यह चुनाव उनके लिए आसान नहीं था। इस चुनाव में सरोजिनी नायडू और महबूबाबाद के राजा ने मोतीलाल नेहरू का नाम प्रस्तावित किया। इस चुनाव में महात्मा गांधी ने निर्णायक भूमिका निभाते हुए अंसारी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने का समर्थन किया। दिल्ली में अंसारी नगर और अंसारी रोड भी डॉक्टर मुख्तार अहमद अंसारी के नाम पर रखा गया है। डॉ. पीएन सिंह का कहना है कि डॉ. अंसारी हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए विभेदक नीति को ठीक से समझते थे। गांधी के साथ खड़े होकर उन्होंने भी हिंदू-मुस्लिम एकता में ही भारत का सुखद भविष्य देखा था। डॉ. अंसारी ने जामिया मिलिया इस्लामिया की स्थापना में महती भूमिका निभाई थी। राही मासूम रजा जिस हिन्दुस्तानीयत की बात आधा गांव में करते हुए दिखते हैं, डॉ. अंसारी हकीकत में उसे ताउम्र जीते रहे। वे कहते हैं कि देश की आजादी में योगदान देने वाले और गंगा-जमुनी तहजीब की जिंदा मिसाल डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी के बारे में आने वाली पीढी को भी बताया जाना चाहिए।

इन्हीं डा मुख्तार अंसारी के नाम पर भारत की राजधानी दिल्ली में अंसारी रोड तथा अंसारी नगर स्थापित है। यह उत्तर प्रदेश के नागरिकों का दुर्भाग्य है कि उन्होंने अपने प्रदेश में एक लायक दादा का नालायक पौत्र भी देखा है। उत्तर प्रदेश के ही मूल निवासी भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी मुख्तार अंसारी के परिवार से ही आते थे।

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