HomeNationalबजरंगबली की आराधना के लिए बहुत ही शुभ और फलदायी है मंगलवार 

बजरंगबली की आराधना के लिए बहुत ही शुभ और फलदायी है मंगलवार 

आज देशभर में हनुमान जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। सनातन धर्म में देवी-देवताओं की पूजा के लिए मंत्रों का उच्चारण करने बहुत शुभ और उत्तम फलदायी माना जाता है। वहीं हनुमान जी को कलयुग का देवता माना गया है। मान्यताओं के अनुसार आज भी प्रभु श्रीराम के भक्त हनुमान जी धरती पर भ्रमण करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करता है और उनकी सभी परेशानियां दूर हो सकती है और सभी कष्टों से भी छुटकारा मिल सकता है।

मंदिरों में भगवान बजरंगबली के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि, मंगलवार को महाबली हनुमान का जन्म हुआ था। इसी कारण हर साल इस दिन प्रभु श्री राम के परम भक्त हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। आज की हनुमान जयंती काफी खास है, क्योंकि कहा जा रहा है कि इस बार बिल्कुल वैसा ही शुभ योग बन रहे हैं जैसे त्रेतायुग में हनुमान जी के जन्मोत्सव के समय बने थे। ऐसे में इस दिन पूजा करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति होती है। वानरराज केसरी और माता अंजना के पुत्र हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार माना गया है। इनकी हनुमान जन्मोत्सव के दिन विधिवत पूजा करने से भक्त की के हर कष्ट समाप्त हो जाते हैं। इसके साथ ही सुख-समृद्धि, धन-संपदा के साथ अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।

आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और आज रामभक्त हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। हनुमानजी कलयुग के देवता हैं और जल्द प्रसन्न होने वाले भगवान हैं। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता के रूप में जाना जाता है। हनुमान चालीसा में वीर हनुमान को प्रसन्न करने के लिए सबसे सरल और शक्तिशाली स्तुति है। इसकी हर चौपाई अलग अलग रूप से शक्तिशाली है। जीवन की हर समस्या का समाधान हनुमान चालीसा द्वारा किया जा सकता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

आज हनुमान जयंती के दिन मंगलवार भी है। जो बजरंगबली की आराधना के लिए बहुत ही शुभ और फलदायी माना गया है।हनुमान जी के 108 नाम है। उनमें से प्रमुख 12 नाम हैं। ग्रंथों के अनुसार जो व्यक्ति इन 12  नामों का स्मरण करता है, तो उसके सारे दुःख, सारी तकलीफें और समस्याओं का अंत होता है। जो व्यक्ति नित्य नियम से हनुमान जी का नाम लेते हैं, उन्हें इष्ट की प्राप्ति होती है। हनुमान, अंजनीसुत, वायुपुत्र, महाबल, रामेष्ट, फाल्गुनसखा, पिंगाक्ष, अमितविक्रम, उदधिक्रमण, सीताशोकविनाशन, लक्ष्मण प्राणदाता, दशग्रीवदर्पहा।

मंगलवार और शनिवार का दिन शुभ माना गया है। बजरंगवली को चोला चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैया से मुक्ति मिलती है। जो भक्त हनुमानजी को विधि-विधान से चोला चढ़ाते हैं उसके जीवन में भूत-पिशाच,शनि व ग्रहबाधा, रोग-शोक,कोर्ट-कचहरी के विवाद,दुर्घटना या कर्ज, चिंता आदि परेशान नहीं करते।

यदि आपके काम बिगड़ रहे है या फिर मेहनत करने के बाद भी आपको सफलता नहीं मिल रही है तो आप मंगलवार के दिन किसी हनुमान जी के मंदिर में जाकर गुड़ चने का प्रसाद चढ़ाये तथा उसे मंदिर में ही भक्तों को बांटे तथा शेष प्रसाद स्वयं व अपने परिवार को ग्रहण करायें। इस प्रकार आपको लगातार गुड़-चने का प्रसाद चढ़ाने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होगी।

शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मंगलवार के दिन मेष लग्न, वज्र योग और चित्रा नक्षत्र में हुआ था। त्रेतायुग वाला शुभ योग इस साल हनुमान जयंती पर बन रहा है।  इस दिन मंगलवार होने के साथ-साथ नक्षत्र, वज्र योग और  मेष लग्न के योग भी बन रहा है। जहां वज्र योग 23 अप्रैल की सुबह से लेकर 24 अप्रैल को सुबह 04 बजकर 57 मिनट तक है। इसके साथ ही चित्रा नक्षत्र भी 23 अप्रैल को सुबह से लेकर रात 10 बजकर 32 मिनट तक है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments