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पैसे के खातिर कलयुगी बेटे ने मां और भाई को मौत के घाट उतारा

अंकित गोस्वामी (गाजियाबाद ब्यूरो चीफ)

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के गुलाब वाटिका में कलयुगी बेटे ने पैसे के खातिर अपनी ही मां और दिव्यांग भाई को मोत के घाट उतार दिया। मामल लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के गुलाब वाटिका कॉलोनी का है, जहां पर 65 वर्षीय यशोदा देवी अपने बच्चों के साथ रहती थी। यशोदा के पति की 10 साल पहले मौत हो चुकी है और वह उसके बाद अपने दिव्यांग पुत्र विजेंद्र और बड़े बेटे धर्मेंद्र के साथ रहती थी। धर्मेंद्र शराब का आदी था जिसके चलते उसे पर बहुत कर्ज हो गया था। कर्ज की रकम वापस करने के लिए तीन दिन पहले अपनी मां यशोदा से 1.5 लाख रुपए मांगे।


मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके चलते यशोदा और धर्मेंद्र में अनबन हो गई। बेटे की बुरी आदतों से परेशान होकर उसने धर्मेंद्र को अपनी संपत्ति से बेदखल करने का मन बना लिया, इसकी भनक जैसे ही धर्मेंद्र को लगी तो उसने अपनी मां और दिव्यांग भाई को रास्ते से हटाने का प्लान तैयार करते हुए चारपाई के पावे से धड़ाधड़ वार करके मौत के घाट उतार दिया।
लूटपाट दिखाने की कोशिश
घटना को लूटपाट दिखाने के लिए उसने घर में रखा कैश और जेवर भी गायब कर दिए। धर्मेंद्र अपनी पत्नी और बच्चों के साथ तीसरी मंजिल पर रहता था । रोज बच्चों की दादी सबसे पहले उठ जाती है, लेकिन आज वह नहीं उठी तो बच्चे दादी के कमरे में गए। कमरे में दादी मां और चाचा का लहूलुहान सब देखकर उनकी चीख निकल गई। बच्चों को रोने की आवाज सुनकर धर्मेंद्र उसकी पत्नी दूसरी मंजिल पर पहुंचे, जहां दोनों सब बेड के ऊपर पड़े हुए थे। कमरे की अलमारियां से जेवर और पैसे गायब थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम ने साक्षी एकत्रित किए।
पुलिस को पहली नजर में लूटपाट के विरोध में हत्या लगी। लेकिन घर के दरवाजे बंद थे और बेटा बहू और उनके बच्चे तीसरी मंजिल पर सो रहे थे, उनको घर में वारदात का कैसे पता नहीं चला, लुटेरे तीसरी मंजिल पर क्यों नहीं गए ? इन प्रश्नों को खोजते हुए पुलिस को किसी नजदीकी का हाथ होने का शक हुआ।

बताया कैसे रची साजिश

इसके चलते पुलिस अरे भैया अपनाते हुए धर्मेंद्र से पूछताछ हुई। इसमें उसने खुलासा किया कि मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया था। इसके चलते मां और भाई को रास्ते से हटाकर सारी संपत्ति का मालिक खुद बनना चाहता था। इसलिए मंगलवार की रात मैंने छत पर जाकर शराब पी और वहां पड़ी चारपाई का पाव निकाल दूसरी मंजिल पर पहुंचा, जहां मां और भाई सो रहे थे।

बच्चों के होश उड़े

चारपाई की पाव से सिर पर धड़ाधड़ वार के जिसमें दोनों की मौत हो गई और मैं तीसरी मंजिल पर जाकर सो गया। बुधवार की सुबह बच्चों ने हल्ला मचा कर कहा कि दादी और चाचा खून से लथपथ पड़े है। पुलिस ने मां बेटे की हत्या का खुलासा चंद्र घंटे में कर दिया है, जिसने भी बेटे की करतूत को सुना, उसके मुख से बरबस निकला कि कैसे कलयुग आ गया है पैसे की खातिर जन्म देने वाली मां को मौत के घाट उतार दिया।

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