HomeDelhi/NCRकेजरीवाल की अंतरिम जमानत पर इस जल्‍द आएगा फैसला

केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर इस जल्‍द आएगा फैसला

नई दिल्‍ली। शराब घोटाले में गिरफ्तार और तिहाड़ जेल में 1 अप्रैल से बंद सीएम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिलेगी या नहीं। इसका फैसला आने वाले शुक्रवार को सामने आ सकता है। केजरीवाल के इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस संजीव खन्ना ने ED की ओर से पेश ASG एसवी राजू को जानकारी दी है कि, शुक्रवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई की जाएगी और उस दिन ही अंतरिम जमानत मामले पर फैसला पारित किया जा सकता है। इससे पहले बीते मंगलवार को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुनवाई की थी। इसके बाद बिना कोई फैसला दिए बेंच उठ गई थी। वहीं जस्टिस संजीव खन्ना ने केजरीवाल के मामले को लेकर अगली सुनवाई गुरुवार या अगले हफ्ते होने की बात कही थी।

जब मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुनवाई शुरू हुई तो इस दौरान जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच द्वारा की जा रहीं टिप्पणियों को देखकर यह आसार नजर आ रहे थे कि केजरीवाल को जमानत मिल जाएगी। हालांकि उस दिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

दरअसल, केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। जहां 3 मई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर इस मामले में सुनवाई लंबी चलेगी तो हम चुनाव के चलते केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर विचार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम अरविंद केजरीवाल की अंतिम जमानत पर इसलिए विचार कर रहे हैं क्योंकि चुनाव है। अगर चुनाव ना होता तो हम इस पर विचार नहीं करते।

इधर केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुनवाई का जब ईडी ने विरोध किया तो जस्टिस खन्ना ने कहा कि, यह एक असाधारण स्थिति है कि चुनाव चल रहा है और दिल्ली का एक चुना हुआ मुख्यमंत्री जेल में है। हम केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुनवाई करेगें। क्योंकि यह सामान्य मामला नहीं है। अरविंद केजरीवाल कोई आदतन अपराधी नहीं हैं। उनके खिलाफ कोई और केस नहीं है। हम ऐसे असाधारण मामलों में पहले भी जमानत पर सुनवाई करते रहे हैं और जमानत देते रहे हैं।

वहीं ईडी की तरफ से पेश SG तुषार मेहता ने अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल के साथ आम आदमी जैसा बर्ताव किया जाना चाहिए। मेहता ने कहा कि, केजरीवाल के लिए चुनाव में प्रचार करना क्या ज्यादा जरूरी है? ऐसे तो देश की जेल में 5000 नेता बंद होंगे।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए। कोर्ट को इसपर विचार नहीं करना चाहिए। केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत देना, सही नहीं होगा। इससे लोगों में गलत संदेश जाएगा। सॉलिसिटर जनरल ने यह भी दलील दी कि दिल्ली के सीएम एकमात्र ऐसे सीएम हैं जिनके पास कोई पोर्टफोलियो नहीं है। वह किसी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करते। यहां तक ​​कि प्रधानमंत्री भी फाइलों पर हस्ताक्षर करते हैं और इसमें मंत्रालय भी शामिल हैं।
ईडी ने कोर्ट को बताया कि जब आबकारी नीति से जुड़े घोटाले की जांच शुरू हुई थी तब शुरुआती चरण में अरविंद केजरीवाल पर फोकस नहीं था और ईडी उन पर गौर नहीं कर रही थी, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो उनकी भूमिका स्पष्ट हो गई। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह राजनीति से प्रेरित मामला नहीं है। हमें राजनीति की चिंता नहीं है, हमें सबूतों की चिंता है और हमारे पास सबूत हैं। इसी बीच ED ने शिकायत की है कि संजय सिंह अपनी जमानत का दुरुपयोग कर रहे हैं।

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